सक्ती, 05 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आमजन की सेवा की कहानियां सामने आ रही है। शासन द्वारा पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पशु एवं चिकित्सा विकास विभाग अंतर्गत राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना, यथा संशोधित 2019 संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत 1 लाख 40 हजार रुपए की कुल इकाई लागत पर 50 प्रतिशत शासकीय अनुदान (सब्सिडी) का प्रावधान है। इसी योजना का लाभ विकासखंड डभरा अंतर्गत ग्राम साराडीह निवासी श्री चालक राम साहू को मिला है। योजना का लाभ मिलने से पहले श्री चालक राम साहू एक सामान्य किसान थे। आजीविका के लिए वे पूरी तरह पारंपरिक खेती पर निर्भर थे। कृषि के अलावा आय का कोई स्थायी या वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण सीमित आमदनी में परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर और चिंताजनक बनी रहती थी। श्री चालक राम साहू को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान किया गया। योजना के तहत उन्होंने दो उन्नत नस्ल की गायों का क्रय किया। दोनों गायों से प्रारंभ में प्रतिदिन लगभग 32 लीटर दूध का उत्पादन होने लगा। हितग्राही ने मेहनत, लगन और आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए अपने डेयरी व्यवसाय का लगातार विस्तार किया। वर्तमान में उनके पास 6 गाय, 2 बछड़े तथा 1 बछिया हैं और इन पशुओं से प्रतिदिन लगभग 50 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। हितग्राही द्वारा उत्पादित दूध का विक्रय स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। डेयरी व्यवसाय से सभी खर्चों को निकालने के बाद वर्तमान में उन्हें लगभग 35 हजार रुपए प्रतिमाह का शुद्ध मुनाफा प्राप्त हो रहा है। इस प्रकार योजना से जुड़ने के बाद उनके पशुधन एवं दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। पशुओं के नियमित स्वास्थ्य जांच, कृत्रिम गर्भाधान, उपचार एवं टीकाकरण जैसी सुविधाओं के लिए उन्हें डभरा पशु चिकित्सालय एवं मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सेवाएं भी प्राप्त हो रही हैं।
*सेवा की कहानी, हितग्राही की जुबानी*
श्री चालक राम साहू ने बताया कि पशुधन विकास विभाग की इस जनकल्याणकारी योजना ने मेरे जीवन की तस्वीर बदल दी है। इसने मुझ जैसे एक संघर्षशील और सामान्य किसान को आत्मनिर्भर बनाकर एक सफल उद्यमी के रूप में खड़ा किया है। आज मेरा पूरा परिवार इस डेयरी व्यवसाय की बदौलत बेहद खुशहाल, सुरक्षित और समृद्ध महसूस कर रहा है। योजना का लाभ मिलने से पहले मैं सामान्य किसान था और आजीविका के लिए पारंपरिक खेती पर ही निर्भर था। आय का कोई अन्य स्थायी साधन नहीं होने से परिवार का भरण-पोषण करना कठिन होता था। राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ मिलने से मैंने दो उन्नत नस्ल की गायें खरीदीं। मेहनत और लगन से मैंने अपने डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज मेरे पास 6 गाय, 2 बछड़े और 1 बछिया हैं तथा प्रतिदिन लगभग 50 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। दूध बेचने से मुझे सभी खर्चों के बाद लगभग 35 हजार रुपए प्रतिमाह का शुद्ध मुनाफा मिल रहा है। योजना से मेरी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। यह योजना मेरे जैसे किसानों के लिए डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अच्छा माध्यम है। इस योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आभार व्यक्त किया।
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