कलेक्टर श्री महोबे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी-नालों के जल स्तर एवं जल प्रवाह की स्थिति पर सतत निगरानी रखें और संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अलर्ट रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एनीकट, पुल-पुलिया अथवा अन्य ऐसे स्थान, जहां जल स्तर बढ़ने की स्थिति में पानी ऊपर से बहने लगे, वहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे स्थानों पर आम नागरिकों के आवागमन को रोकने तथा लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने कहा। कलेक्टर श्री महोबे ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि नदी, नाले, एनीकट एवं पुल-पुलिया के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में उसे पार करने का प्रयास न करें और अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने तथा जल स्तर से संबंधित अधिकृत जानकारी पर ही विश्वास करने की अपील की।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने, लंबित आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करने तथा हितग्राहियों के घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के संबंध में आम नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा आवेदन से लेकर संयंत्र स्थापना एवं अनुदान की प्रक्रिया तक हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान सड़कों पर होने वाले गड्ढों को चिन्हांकित कर उनका नियमित रूप से भराव कराया जाए। उन्होंने कहा कि आवागमन में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सड़कों की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ एवं जनपद पंचायतों के सीईओ को सेग्रीगेशन शेड, डम्पिंग स्थल एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घरों एवं विभिन्न स्थानों से एकत्रित कचरे का उचित पृथक्करण सुनिश्चित करते हुए गीले एवं सूखे कचरे का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रबंधन किया जाए। सेग्रीगेशन शेड को व्यवस्थित एवं क्रियाशील रखा जाए तथा कचरे का अनियमित रूप से डम्पिंग न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निकाय एवं पंचायत क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, कचरा संग्रहण एवं निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने तथा कचरा प्रबंधन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का पात्र हितग्राहियों को शत प्रतिशत लाभ मिले। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति सुनिश्चित करें। इस दौरान कलेक्टर ने ईऑफिस, पीएम आवास योजना, आयुष्मान सहित अन्य विभागीय योजनाओ की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिये गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर श्री ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री आर के तम्बोली, अपर कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी, संयुक्त कलेक्टर श्री संदीप सिंह ठाकुर सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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